उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जयपुर में भैरोसिंह शेखावत की पुण्यतिथि पर अर्पित किए श्रद्धा सुमन, मेमोरियल लाइब्रेरी का किया लोकार्पण

Nation27 | Updated on: May 15, 2025 | 8:02 pm
जयपुर, 15 मई 2025: देश के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज जयपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के दिग्गज नेता भैरोसिंह शेखावत की 15वीं पुण्यतिथि पर उनके स्मृति स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने विद्याधर नगर में नवनिर्मित भैरोसिंह शेखावत मेमोरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया और मूल भारतीय संविधान की एक प्रति भेंट की, जिसमें संविधान समिति के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। यह प्रति अब इस लाइब्रेरी में संरक्षित की जाएगी।
शेखावत के प्रति उपराष्ट्रपति का भावपूर्ण नमन
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अपने संबोधन में भैरोसिंह शेखावत को राजनीति का अजात शत्रु और राजस्थान का बट वृक्ष करार दिया। उन्होंने कहा, “मैं आज जिस पद पर हूं, वह भैरोसिंह शेखावत जी की देन है।” उन्होंने शेखावत के पुस्तकों के प्रति प्रेम को याद करते हुए कहा कि यह मेमोरियल लाइब्रेरी उनकी स्मृति को जीवंत रखेगी। धनखड़ ने शेखावत के उस सिद्धांत को भी रेखांकित किया कि “राजनीति में कोई शत्रु नहीं होता।”
भारतीय सेना और कूटनीति की तारीफ
उपराष्ट्रपति ने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर दुश्मन को मारा। अब समय आ गया है जब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीतिक जीत को भी रेखांकित किया, जिसमें सेना ने न केवल युद्धक्षेत्र में बल्कि वैश्विक मंच पर भी विजय हासिल की है।
मूल संविधान की प्रति: एक ऐतिहासिक भेंट
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने भैरोसिंह शेखावत मेमोरियल लाइब्रेरी को मूल भारतीय संविधान की एक प्रति भेंट की। इस प्रति में संविधान सभा के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं, जो इसे ऐतिहासिक और अमूल्य बनाता है। यह प्रति लाइब्रेरी में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां भारत के संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा ले सकें।
शेखावत: राजस्थान के विकास का आधार
भैरोसिंह शेखावत, जो 1977-1980, 1990-1992 और 1993-1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे, और 2002-2007 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया, राजस्थान के विकास में एक मजबूत स्तंभ रहे। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, “शेखावत वो बट वृक्ष थे, जिनके साये में राजस्थान पनपा।” उनकी दूरदर्शी सोच और जनहितकारी नीतियों ने राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।
मेमोरियल लाइब्र: ज्ञान का नया केंद्र
भैरोसिंह शेखावत मेमोरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह लाइब्रेरी न केवल शेखावत की विरासत को संजोए रखेगी, बल्कि युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए ज्ञान और प्रेरणा का केंद्र भी बनेगी। उद्घाटन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सांसद मदन राठौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आमजन के लिए प्रेरणा
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अपने संबोधन में युवाओं से शेखावत के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शेखावत की सादगी, शुचिता और समर्पण आज भी देश के लिए एक मिसाल है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने शेखावत की पुण्यतिथि को एक संकल्प दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया, ताकि उनकी विरासत को और अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।