मुंबई, 16 मई 2025: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते का अंत निराशाजनक रहा, क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 200.15 अंकों (0.24%) की कमी के साथ 82,330.59 पर और एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 42.30 अंकों (0.17%) की गिरावट के साथ 25,019.80 पर बंद हुआ। बाजार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसने बाजार की चाल को प्रभावित किया।
भारती एयरटेल में 2.81% की गिरावट
सेंसेक्स की 30 में से 14 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 16 कंपनियों ने बढ़त हासिल की। निफ्टी 50 में 24 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 26 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान भारती एयरटेल को हुआ, जिसके शेयर 2.81% टूटे। इसके अलावा, एचसीएल टेक (2.14%), भारतीय स्टेट बैंक (1.96%), इंफोसिस (1.46%), और टेक महिंद्रा (0.79%) जैसे शेयरों में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।
हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स ने संभाला मोर्चा
दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.10%), एशियन पेंट्स (0.98%), आईटीसी (0.80%), और टाटा मोटर्स (0.36%) जैसे शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। एटरनल के शेयरों में 1.38% की बढ़त दर्ज की गई, जो सेंसेक्स में सबसे ज्यादा थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयरों में भी मामूली बढ़त देखी गई।
बाजार का मूड और भविष्य
गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 1200.18 और 395.20 अंकों की शानदार तेजी के बाद शुक्रवार की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू बिकवाली के दबाव ने बाजार को प्रभावित किया। अगले सप्ताह निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा अस्थिरता के बीच निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। दीर्घकालिक निवेश के लिए मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान देना बेहतर हो सकता है।