मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG 2025 रिजल्ट पर लगाई रोक

Madhya Pradesh High Court stays NEET UG 2025 result
Nation27 | Updated on: May 16, 2025 | 3:41 pm

इंदौर, 16 मई 2025: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2025) के रिजल्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला 4 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के दौरान इंदौर में बिजली गुल होने के कारण उत्पन्न अव्यवस्थाओं के मद्देनजर लिया गया है। कोर्ट के इस आदेश से देशभर के करीब 21 लाख छात्र प्रभावित हो सकते हैं, जो इस परीक्षा में शामिल हुए थे।

याचिका में क्या है मामला?
इंदौर के एक उम्मीदवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि नीट-यूजी परीक्षा के दौरान खराब मौसम और तूफान के कारण इंदौर के कई परीक्षा केंद्रों पर बिजली चली गई। इस वजह से वह सभी प्रश्न हल नहीं कर सका। याचिकाकर्ता ने मांग की कि उसे दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाए। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता को तत्काल राहत देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक रिजल्ट घोषित नहीं किया जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 30 जून 2025 तय की है।

बिजली गुल ने बिगाड़ा खेल
याचिकाकर्ता के वकील मृदुल भटनागर ने कोर्ट को बताया कि इंदौर में 49 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 27,000 छात्रों ने परीक्षा दी थी। 4 मई को तेज बारिश और 100 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार वाली हवाओं ने शहर की बिजली और यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया। कई केंद्रों पर 1 से 2 घंटे तक बिजली गुल रही, और कुछ केंद्रों पर तो मोमबत्तियों की रोशनी में परीक्षा करानी पड़ी। भटनागर ने यह भी कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-तूफान की चेतावनी दी थी, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और परीक्षा केंद्रों ने बैकअप पावर की कोई व्यवस्था नहीं की।

NTA और बिजली कंपनी को नोटिस
हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), केंद्र सरकार, मध्यप्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नोटिस जारी कर 4 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि NTA परीक्षार्थियों को उचित परिस्थितियां प्रदान करने में विफल रही। 13 मई को कोर्ट ने NTA से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, लेकिन 15 मई को सुनवाई के दौरान NTA की ओर से कोई वकील मौजूद नहीं था, जिसके बाद कोर्ट ने यह कड़ा कदम उठाया।

छात्रों में बेचैनी, भविष्य पर सवाल
इस फैसले ने नीट-यूजी के 21 लाख उम्मीदवारों के बीच हड़कंप मचा दिया है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की है। एक छात्र ने कहा, “पिछले साल की मेहनत और इस बार की परीक्षा का इंतजार अब और लंबा हो गया। सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा हम क्यों भुगतें?” वहीं, कुछ छात्रों और अभिभावकों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि उनका मानना है कि यह प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की दिशा में एक कदम है।

क्या होगा आगे?
NTA ने पहले घोषणा की थी कि NEET UG 2025 का रिजल्ट 14 जून को जारी होगा, लेकिन अब कोर्ट के आदेश के बाद यह तारीख टल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोर्ट प्रभावित केंद्रों पर दोबारा परीक्षा का आदेश देता है, तो यह प्रक्रिया और जटिल हो सकती है। फिलहाल, सभी की नजरें 30 जून की सुनवाई पर टिकी हैं, जब इस मामले में अगला फैसला आएगा।

छात्रों की मांग: दोबारा परीक्षा या उचित मूल्यांकन
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि या तो प्रभावित केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए या फिर उनके पेपर का निष्पक्ष मूल्यांकन हो। इंदौर के 9 केंद्रों पर करीब 27,000 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से कई ने बिजली गुल होने की शिकायत की थी। इस घटना ने एक बार फिर भारत के परीक्षा तंत्र की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का यह फैसला न केवल नीट-यूजी 2025 के परिणामों को प्रभावित करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं की जरूरत को भी रेखांकित करता है।