जयपुर मेट्रो फेज-2 को हरी झंडी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी डीपीआर को मंजूरी, शहर की लाइफलाइन बनेगा नया प्रोजेक्ट
जयपुर, 21 मई 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही डीपीआर को मेट्रो रेल नीति, 2017 के तहत केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय को अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा गया है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलते ही इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह परियोजना न केवल जयपुर के शहरी परिवहन को नई दिशा देगी, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और निवेश की संभावनाओं को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
42.80 किमी लंबा कॉरिडोर, 36 स्टेशन
जयपुर मेट्रो फेज-2 का यह कॉरिडोर टोडी मोड़ से प्रहलादपुरा तक 42.80 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें कुल 36 स्टेशन होंगे। इनमें 34 स्टेशन एलिवेटेड और 2 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। यह कॉरिडोर जयपुर के उत्तर से दक्षिण को जोड़ेगा, जिसमें प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और औद्योगिक क्षेत्र जैसे वीकेआई औद्योगिक क्षेत्र, सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, टोंक रोड, विद्याधर नगर, सवाई मानसिंह अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, कलेक्ट्रेट और प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल्स शामिल होंगे। विशेष रूप से, जयपुर हवाई अड्डे के प्रस्तावित नए टर्मिनल के ठीक नीचे एक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा, जो यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
12,260 करोड़ की लागत, एडीबी और एआईआईबी का सहयोग
लगभग 12,260 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का निर्माण राज्य और केंद्र सरकार की 50:50 संयुक्त उद्यम कंपनी, राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, द्वारा किया जाएगा। इस कंपनी को जयपुर की सभी मौजूदा और भविष्य की मेट्रो परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने वित्तीय ऋण प्रदान करने की सहमति दी है, जो इस प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता को और मजबूत करता है।
फेज-1 से कनेक्टिविटी
जयपुर मेट्रो फेज-2 को वर्तमान में मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक संचालित फेज-1 से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशन से प्रस्तावित खासा कोठी मेट्रो स्टेशन के बीच एक फुट ओवर ब्रिज और गवर्नमेंट हॉस्टल से चांदपोल मेट्रो स्टेशन के बीच एक स्पर लाइन बनाई जाएगी। यह व्यवस्था दोनों फेज के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगी, जिससे यात्रियों को सुगम और सुविधाजनक परिवहन का अनुभव मिलेगा।
जयपुर की लाइफलाइन बनेगा फेज-2
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शुरू होने वाली यह परियोजना जयपुर के शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगी। यह न केवल जयपुरवासियों के दैनिक आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में इस परियोजना की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी, और अब डीपीआर की मंजूरी के साथ यह परियोजना वास्तविकता की ओर तेजी से बढ़ रही है।
निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं
जयपुर मेट्रो फेज-2 न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि यह शहर में निवेश और रोजगार की नई संभावनाओं को भी जन्म देगा। औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, और शहर का आर्थिक परिदृश्य और अधिक मजबूत होगा। यह परियोजना जयपुर को एक आधुनिक, स्मार्ट और कनेक्टेड शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आगे की राह
डीपीआर को केंद्र सरकार के अनुमोदन के लिए भेजा गया है, और मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह परियोजना जयपुर के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी और शहरवासियों के लिए एक विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का यह निर्णय जयपुर के सुनहरे भविष्य की नींव रखने वाला साबित होगा।
जयपुर मेट्रो फेज-2: एक नया युग, एक नई गति!