आतंकी मसूद अजहर पर पाकिस्तान की मेहरबानी: ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए परिवार के लिए 14 करोड़ का मुआवजा

Pakistan to Pay ₹14 Cr to Jaish Chief Masood Azhar’s Family
Nation27 | Updated on: May 14, 2025 | 3:35 pm
नई दिल्ली, 14 मई 2025: पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर अपनी आतंकवादी समर्थक नीति को उजागर करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मुआवजा भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए मसूद अजहर के परिवार के 14 सदस्यों के लिए दिया जा रहा है। इस खबर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम हमले का जवाब
पिछले महीने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी शामिल था, जहां मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए, जिनमें उनकी बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजी और पांच बच्चे शामिल थे।
भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों और क्रूज मिसाइलों ने सटीक हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें मसूद अजहर के दो बहनोई, यूसुफ अजहर और अब्दुल मलिक रऊफ, जो दोनों ही कुख्यात आतंकी थे, शामिल थे।
पाकिस्तान का विवादास्पद फैसला
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए लोगों के कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए प्रति मृतक 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। चूंकि मसूद अजहर संभवतः अपने मारे गए परिवार का एकमात्र जीवित उत्तराधिकारी है, इसलिए उसे 14 करोड़ रुपये का मुआवजा मिल सकता है। इस फैसले ने पाकिस्तान की आतंकवाद के प्रति नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मसूद अजहर, जिसे 1999 के कंधार विमान अपहरण, 2001 के भारतीय संसद हमले, 2016 के पठानकोट हमले और 2019 के पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, को पाकिस्तान द्वारा इस तरह की वित्तीय सहायता देना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवादियों के लिए “राजकीय अंतिम संस्कार” और मुआवजा देना उसकी आतंकवाद विरोधी दावों की पोल खोलता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “यह अजीब है कि आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में पाकिस्तानी झंडे और राजकीय सम्मान दिए जाते हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ नई नीति करार देते हुए कहा, “भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘लक्ष्मण रेखा’ खींच चुका है। हम पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल से नहीं डरेंगे।”
ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक सफलता
ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की रणनीतिक और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक माना जा रहा है। 6 मई की आधी रात को शुरू हुए इस ऑपरेशन में राफेल जेट्स ने राजस्थान में एक नकली युद्धाभ्यास के बहाने उड़ान भरी, जिससे पाकिस्तानी रडार को भ्रमित कर दिया गया। इसके बाद, बहावलपुर, मुरिदके, और सियालकोट सहित कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान के शाहबाज और भोलारी वायुसेना अड्डों पर भारी क्षति की पुष्टि हुई है।
भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में पांच सैनिक खोए, जबकि पाकिस्तानी सेना को 35-40 सैनिकों का नुकसान हुआ। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन का लक्ष्य केवल आतंकी ठिकाने थे, न कि पाकिस्तानी सेना।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और भविष्य
पाकिस्तान के इस मुआवजे के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान की आतंकवाद के प्रति दोहरी नीति को और उजागर करता है। भारत ने संकेत दिए हैं कि वह पाकिस्तान के किसी भी आतंकी गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देगा।
सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान आतंकवादियों को मुआवजा देकर दुनिया को क्या संदेश देना चाहता है?”
आगे क्या?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए 10 मई को एक युद्धविराम समझौता हुआ। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं देगा।
पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर को मुआवजा देने का यह कदम न केवल भारत-पाक संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकता है, बल्कि वैश्विक आतंकवाद विरोधी प्रयासों को भी कमजोर कर सकता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर पाकिस्तान से जवाबदेही मांगने की अपील की है।