भुवनेश्वर, ओडिशा के गजपति जिले के परलाखेमुंडी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने प्रेमी और एक अन्य युवक के साथ मिलकर अपनी गोद ली हुई मां की हत्या कर दी। यह हत्या संपत्ति और आभूषणों के लालच में की गई थी।
गोद लेने की कहानी
करीब 14 साल पहले, राजलक्ष्मी कर और उनके पति ने सड़क किनारे एक तीन दिन की नवजात लड़की को पाया और उसे गोद लिया। दंपति निःसंतान थे, इसलिए उन्होंने उस बच्ची को अपनी बेटी की तरह पाला और उसे केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाया। हालांकि, समय के साथ लड़की का व्यवहार बदलने लगा, और उसने मंदिर के पुजारी गणेश रथ (21) और उसके दोस्त दिनेश साहू (20) से संबंध बना लिए।
हत्या की साजिश
राजलक्ष्मी ने अपनी बेटी के इन रिश्तों पर आपत्ति जताई, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। लड़की ने अपनी मां को नींद की गोलियां खिलाईं और फिर तकिए से उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद, महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रिश्तेदारों को बताया गया कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
हत्या की साजिश का खुलासा
हत्या के लगभग 15 दिन बाद, राजलक्ष्मी के भाई सिबा प्रसाद मिश्रा को लड़की का मोबाइल फोन मिला, जिसे भुवनेश्वर में छोड़ दिया गया था। मोबाइल की जांच से इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत का पता चला, जिसमें हत्या की योजना के बारे में विस्तार से बताया गया था। इसके बाद, मिश्रा ने 14 मई को परलाखेमुंडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी और जांच
पुलिस ने जांच के बाद लड़की, गणेश रथ और दिनेश साहू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, लड़की ने पहले राजलक्ष्मी के कुछ सोने के गहने रथ को सौंप दिए थे, जिन्हें लगभग 2.4 लाख रुपये में गिरवी रख दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 30 ग्राम सोने के आभूषण, तीन मोबाइल फोन और अपराध में प्रयुक्त दो तकिए बरामद किए हैं।