भारत में ऑनलाइन भी नहीं बिकेगा पाकिस्तानी सामान, अमेजन-फ्लिपकार्ट को नोटिस

Pakistani Goods to Be Banned from Online Sale in India; Notice Issued to Amazon and Flipkart
Nation27 | Updated on: May 15, 2025 | 4:10 pm

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान और तुर्की के खिलाफ देशभर में बहिष्कार (बॉयकॉट) मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को नोटिस जारी कर दिया है। इस नोटिस में उन्हें पाकिस्तान के झंडे और पाकिस्तान से जुड़े उत्पादों को अपने प्लेटफॉर्म से तत्काल हटाने का आदेश दिया गया है।

पाकिस्तान के सामान पर बैन
CCPA ने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों की बिक्री उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है, और इनकी मौजूदगी न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि यह राष्ट्रीय भावना के भी खिलाफ है। उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस कदम की जानकारी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा की और ई-कॉमर्स कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि असंवेदनशील वस्तुओं को हटाया जाए और कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए।

हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की नाकामी के चलते देश में पाक विरोधी भावना और अधिक उभरी है। इसके जवाब में भारत में पाकिस्तान के उत्पादों और प्रतीकों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया गया है।

तुर्की के खिलाफ भारत में बढ़ते विरोध के संकेत
इसी के साथ भारत में तुर्की के प्रति भी विरोध बढ़ता जा रहा है। व्यापार और पर्यटन को लेकर भारतीय नागरिकों में नाराजगी है। कई लोग तुर्की के उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं और वहां की यात्रा से परहेज कर रहे हैं।

तुर्की पर्यटन पर पड़ सकता है बड़ा असर
पिछले कुछ वर्षों में तुर्की जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई थी। 2009 में जहां यह संख्या करीब 55,000 थी, वहीं 2024 में यह 3.30 लाख से अधिक हो गई। लेकिन अब चल रही बहिष्कार मुहिम के चलते यह संख्या घट सकती है, जिससे तुर्की और अजरबैजान के पर्यटन उद्योग को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

कैट के महासचिव का बयान
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यदि भारतीय नागरिक तुर्की की यात्रा से दूरी बनाए रखते हैं और उनके उत्पादों का बहिष्कार जारी रखते हैं, तो यह इन देशों की अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को सीधा नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारिक स्तर पर भी इस मुहिम को मजबूत समर्थन मिलेगा।