कानपुर के कल्याणपुर स्थित केशवपुरम की एक क्लीनिक में डॉ. अनुष्का तिवारी ने खुद को विशेषज्ञ बताकर हेयर ट्रांसप्लांट की सर्जरी की, जिसके बाद दो युवकों की मौत हो गई। फर्रुखाबाद निवासी मयंक कटियार और पनकी पावर हाउस में तैनात इंजीनियर विनीत दुबे की सर्जरी के बाद तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही समय में दोनों की मौत हो गई।
सिर्फ बीडीएस डिग्री, हेयर ट्रांसप्लांट की नहीं थी योग्यता
जांच में सामने आया कि आरोपी डॉक्टर के पास सिर्फ बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) की डिग्री है, जो कि हेयर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी के लिए मान्य नहीं है। डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने पुष्टि की कि डॉक्टर की डिग्री फरीदाबाद के एक कॉलेज से ली गई थी, लेकिन इस डिग्री के आधार पर ट्रांसप्लांट करना अवैध है।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से 40 हजार की वसूली
मृतक मयंक के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने ऑनलाइन 40 हजार रुपये मयंक से मंगवाए थे और पांच घंटे तक जटिल सर्जरी की गई। वहीं, विनीत दुबे की पत्नी जया दुबे ने रावतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि इलाज से पहले ही नकद राशि ले ली गई थी और लाखों की प्रक्रिया सिर्फ कुछ हजार रुपये में की गई थी।
कन्नौज और उन्नाव के युवकों ने भी की शिकायत
घटना के बाद कन्नौज और उन्नाव के युवकों ने भी क्लीनिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कन्नौज निवासी जीत कुमार कटियार ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में मयंक के साथ इलाज कराया था। इलाज के बाद संक्रमण और सूजन हो गई, लेकिन स्टाफ ने इसे मामूली बताकर टाल दिया।
उन्नाव के राजेंद्र पाठक ने बताया कि उन्हें एक विज्ञापन के जरिये इस क्लीनिक की जानकारी मिली थी, लेकिन सर्जरी के बाद उन्हें भी चेहरे पर गंभीर असर झेलना पड़ा।
डॉक्टर फरार, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर क्लीनिक और घर से फरार है। घर पर ताला लगा मिला है। डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
यह मामला फर्जी चिकित्सा और गैरकानूनी सर्जरी के गंभीर उदाहरण के रूप में सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।